July 3, 2022

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

मेरठ में चक्का जाम के समर्थन में उतरे अधिवक्ता,       

यूरेशिया संवाददाता

मेरठ।   किसान संगठनों के कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को भारत बंद के दौरान किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर हाईवे पर उतर गए। किसानों ने हाईवे पर टोल प्लाजा पर जाम लगाते हुए सकौती मे वाहन रोक दिए। किसानों देशव्यापी भारत बदं के तहत किए जा रहे चक्का जाम को मेरठ में अधिवक्ताओं ने भी समर्थन दिया है। मेरठ में कलेक्ट्रेट में एकत्र होकर अधिवक्ताओं किसानों के समर्थन में मार्च निकाला। मेरठ में 14 स्थानों पर किसानों द्वारा चक्का जाम किया जा रहा है। ये वे स्थान हैं जहां वाहनों के पहिये पूरी तरह थम गए। किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियां लेकर हाईवे पर उतर आए। दौरान दौराला पुलिस ने दौराला चौराहे से ट्रेफिक डायवर्ट करते हुए वाहन लावड़ और सरधना नहर की पटरी की ओर निकाले। पुलिस ने दादरी से भी ट्रैफिक निकाला, दूसरी और टोल प्लाजा पर किसानों ने एंबुलेंस या परीक्षा देने जा रहे स्टूडेंट के साथ साथ मरीजों को लेकर जा रहे वाहनों को निकलने दिया, जबकि इस दौरान लोकल वाहन सवार लोगो की  किसानों के साथ जमकर नोकझोक हुई। वहीं पुलिस को बीचबचवाव करना पड़ा।मेरठ में अधिवक्ताओं ने भी किसानों के भारत बंद के तहत किए जा रहे चक्का जाम को समर्थन दिया है। शहर के कलक्ट्रेट पर सोमवार सुबह बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकत्र हुए और हाथों में बैनर और स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर पैदल मार्च निकाला। चक्का जाम के दौरान किसान सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन करते रहे। मेरठ में पल्लवपुरम पुलिस ने ए टू जेड कॉलोनी के सामने भी ट्रैफिक को रोक कर डायवर्ट कर दिया है। कंकरखेड़ा हाईवे पर कैलाशी हॉस्पिटल के सामने भी किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने एक और पूरी तरह से जाम लगा दिया।सिवाया टोल प्लाजा पर मौजूद भारतीय किसान यूनियन व आसपास के ग्रामीणों ने सभी लाइन पर कब्जा कर लिया है और किसी को निकलने नहीं दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि यह सरकार किसान विरोधी है व्यापारियों का साथ देती है। बिजली महंगी हो रही है, पेट्रोल-डीजल महंगे हो उसके बावजूद भी किसानों की सरकार को कोई चिंता नहीं है।