July 3, 2022

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

पहले चाय पी फिर गोलियों से भून डाला और कहा खून का बदला खून

यूरेशिया संवाददाता

मेरठ। मेरठ के बाफर गांव में हुई पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजवीरी चौधरी के बेटे विकेंद्र उर्फ गौरी चौधरी की हत्या गांव की रंजिश में हई है। तीन साल पहले विकेंद्र ने अपने भाईयों के साथ मिलकर गांव के ही युवक को सरेआम हत्या कर दी गई थी। जिसमें विकेंद्र व इसके तीनों भाईयों को पुलिस ने जेल भेजा। विकेंद्र का भी अपराधिक रिकार्ड रहा है, जानी थाने में विकेंद्र उर्फ गौरी चौधरी पर हत्या,जानलेवा हमला और धमकी देने के 11 मुकदमें दर्ज हैं। पूर्व में पुलिस प्रशासन ने विकेंद्र पर गुंडा एक्ट भी कार्रवाई की है।

अपराध के लिए बदनाम है मेरठ का बाफर गांव

बाफर गांव मेरठ में जाट बिरादारी का सबसे महत्तवपूर्ण गांव है। जानी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले इस गांव में ब्लॉक प्रमुखी की रंजिश को लेकर 10 से अधिक लोगों की हत्या हो चुकी है। इसी गांव का भूपेंद्र बाफर भी एक लाख का इनामी रहा है। भूपेंद्र बाफर भी पूर्व ब्लॉक प्रमुख रह चुका है। पुलिस का कहना है विकेंद्र की हत्या गांव की अदावत में की गई है। जिस जितेंद्र की तीन साल पहले गांव में हत्या की थी, जितेंद्र के परिवार के लोग भी सुबह से ही घर छोड़कर फरार हैं। ऐसे में पुलिस मान रही है कि जितेंद्र की हत्या के बदले में विकेंद्र की हत्या की गई है।

2006 में रखा था जरायम में कदम

विकेंद्र उर्फ गौरी चौधरी गांव में रहकर खेती करता था। एसपी देहात केशव कुमार का कहना है 2006 में विकेंद्र ने अपने ही गांव की रेखा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद पुलिस ने पहली बार हत्या के मामले में जेल भेजा। उसके बाद जेल से रिहा होने के बाद जानलेवा हमले व धमकी देने को लेकर विकेंद्र का नाम सामने आया। 2018 में गांव में जितेंद्र की हत्या कर दी थी। जितेंद्र की हत्या में पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजवीरी चौधरी के चारों बेटे कविंद्र चौधरी, विकेंद्र उर्फ गौरी चौधरी, छंगा और भूरा नामजद हुए थे। पुलिस ने चारों भाईयों को जेल भेजा था। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। आज 31 अगस्त की सुबह विकेंद्र की घर में ही गोली बरसाकर हत्या कर दी।

हत्या से पहले 15 मिनट साथ रहे हत्यारे

पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजवीरी का घर बाफर गांव में अंदर है। घर की बाहर का रास्ता भी संकरा है। अपाचे बाइक से दो युवक जिनकी उम्र 30 साल के आसपास बताई। विकेंद्र के घर पहुंचे। विकेंद्र की पत्नी ने चाय बनाई। दोनों युवकों ने विकेंद्र चौधरी के साथ चाय पी। 15 मिनट तक साथ बैठे रहे। वहीं पर आराम से बाइक भी घर में ही खड़ी की। तभी एक बदमाश ने अंटी से पिस्टल निकाली और विकेंद्र के की कोख के पास गोली माार दी। जैसे ही विकेंद्र ने भागने की कोशिश की, तो दूसरे बदमाश ने भी पिस्टल से सीने में गोली मार दी। यह देखकर विकेंद्र के घर की एक महिला ने कमरे में छिपकर जान बचाई। पुलिस अधिकारियों ने गांव में भी लोगों से पूछताछ की, जिसमें पता चला की फायरिंग की आवाज आईं, उसके बाद दोनों बदमाश भागते दिखाई दिए। बाद में पता चला की विकेंद्र की हत्या कर दी गई। गांव के बाहर सफेद रंग संदिग्ध कार भी लोगों ने बताई। ऐसे में पुलिस मान रही है की हत्या करने के बाद हत्यारे गांव के बाहर से इसी कार से भागे हैं।