June 29, 2022

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

किसानों पर लाठीचार्ज, जीटी रोड जाम

करनाल, करनाल में आयोजित भाजपा की प्रदेश स्तरीय बैठक का विरोध करने जा रहे किसानों पर पुलिस ने शनिवार को जमकर लाठीचार्ज किया। इसमें दर्जनों किसान घायल हो गये। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे चढ़ूनी गुट के नेता जगदीप सिंह औलख सहित कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। लाठीचार्ज के बाद भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी सैकड़ों किसानों के साथ बस्ाताड़ा टोल प्लाजा पर पहुंचे और दोपहर बाद जीटी रोड को फिर जाम कर दिया गया। भाकियू अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस ने क्रूरता की हदें पार कर दी हैं, इसके विरोध में किसान शाम 5 बजे तक जीटी रोड जाम रखेंगे। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा से अगर पुलिस नहीं हटी और हिरासत में लिए गये नेताओं को रिहा नहीं किया गया, तो प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन जाम लगा दिया जाएगा। इसके बाद पुलिस धरने से दूर चली गयी। इससे पहले पुलिस ने 3 बार जीटी रोड पर किसानों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। हजारों की संख्या में पहुंचे किसानों को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल मौजूद था। पंचायती चुनाव को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल, सभी भाजपा सांसदों, विधायकों और अन्य पार्टी नेताओं की करनाल में बैठक थी। किसानों ने बीती रात ही इस बैठक के विरोध का ऐलान कर दिया था। किसान नेताओं ने कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताना चाहते थे। पुलिस ने करनाल में गुरुद्वारा डेरा कार सेवा के रास्तों को सील करके उन्हें वहां जाने नहीं दिया, जब उन्होंने टोल पर धरना दिया तो योजनाबद्ध तरीके से पुलिस ने धरने पर बैठे किसानों पर हमला कर दिया। किसान नेता जगदीप सिंह औलख ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जानबूझकर करनाल में बैठक रखी, ताकि वह अपनी ताकत दिखा सकें। जीटी रोड पर किये गये पथराव में कई वाहनों के शीशे टूटने के सवाल पर किसानों ने कहा कि उन्होंने कोई पत्थर नहीं मारा, पुलिस ने ही लाठियां मारकर वाहनों के शीशे तोड़े, ताकि किसानों को बदनाम किया जा सके।
देर शाम किसान नेताओं की रिहाई के बाद हटाया जाम
करनाल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये किसानों को 5 बजे तक रिहा किये जाने के अल्टीमेटम के बाद भी जब पुलिस ने कोई सकारात्मक रुख नहीं दिखाया तो हजारों किसान जीटी रोड पर टोल प्लाजा पर धरने पर बैठे रहे। इधर, जीटी रोड पर जाम के कारण वाहनों की कई किलोमीटर लम्बी लाइन लग जाने के कारण प्रशासन के हाथ पांव फूल गये और 6 किसान नेताओं को रिहा कर दिया गया। किसान नेता राजेन्द्र आर्य ने बताया कि उन्हें जगदीप सिंह औलख सहित गिरफ्तार करने के बाद 4 अन्य किसानों के साथ पानीपत के बापोली थाने में ले जाया गया था। भाकियू के अल्टीमेटम के बाद सायं 6.30 बजे उन्हें घरौंडा थाने में लाकर रिहा किया गया और भाकियू ने जीटी रोड जाम समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि अभी कई अन्य किसानों की अलग-अलग थानों में बंद होने की खबरें आ रही हैं। कल सभी घायल किसान अपना मेडिकल करवाने मेडिकल कालेज आयेंगे। अगर मेडिकल नहीं हुआ तो आंदोलन की नयी रणनीति तय होगी।
हर लाठी सरकार के ताबूत में कील : कांग्रेस
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘फिर खून बहाया है किसान का, शर्म से सर झुकाया हिंदुस्तान का!’ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘किसान मेहनत करके खेतों में लहलहाती हुई फसल देते हैं। भाजपा सरकार अपना हक मांगने पर उन्हें लाठी से लहूलुहान करती है। किसानों पर पड़ी एक-एक लाठी भाजपा सरकार के ताबूत में कील का काम करेगी।’