May 21, 2022

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

सरोकारों की प्रेरक पहल

अरुण तिवारी के संपादन में ‘प्रेरणा समकालीन लेखन के लिये’ साहित्यिक पत्रिका साहित्य व सामाजिक सरोकारों के लिये प्रतिबद्ध नजर आती है। ऐसे वक्त में जब देश डेढ़ साल से कोरोना संकट के अवसाद से गुजर रहा है, 75 वर्ष से अधिक के सक्रिय लेखकों की रचनाओं का प्रकाशन कर अभिनव पहल की है। निस्संदेह इस आयु वर्ग को कोरोना संकट का सबसे ज्यादा शिकार होना पड़ा। समीक्ष्य अंक में सेहत के सवालों के साथ ही समकालीन साहित्य की विभिन्न विधाओं की पठनीय रचनाएं संकलित हैं।