June 28, 2022

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

पौधे रोपित कर धरती माता के प्रति अपना प्रेम प्रदर्शित करें-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

यूरेशिया संवाददाता

9 जुलाई, ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने मानसून आने से पहले सभी से एक व्यक्तिगत आह्वान किया कि आईये मानसून के समय पौधे रोपित कर धरती माता के प्रति अपना प्रेम प्रदर्शित करें क्योंकि हमारी धरती खुश रहेगी तभी हम खुश रह सकते है। हम सभी को यह स्मरण रखना होेगा कि हमारा स्वास्थ्य और सुंदरता, जीवन और जीविका सब का सम्बंध हमारी धरती और पर्यावरण से है अतः धरती के स्वास्थ्य के साथ समझौता करना हम सभी के लिये बहुत नुकसानदायक होगा।स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि अगर हम जीवित रहना चाहते हैं और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरिक्षत करना चाहते हैं, तो हम स्वयं को धरती माता से अलग न समझें। अब समय आ गया है कि हमे पर्यावरण के बारे में चिंतन करें क्योंकि हम और हमारी धरती दो अलग-अलग संस्थायें नहीं हैं, जब हम दोनों को एक दृष्टि से देखेंगे तो वास्तव में पृथ्वी पर बढ़ा प्रदूषण कम हो जायेगा।

स्वामी जी ने कहा कि यह समय पृथ्वी पर संतुलन बनायें रखने का है। इस समय हम सभी को पृथ्वी पर बढ़ते प्रदूषण को कम करने में मदद करना होगा और उसका सबसे सरल एवं सहज मार्ग है, जहां पर भी खाली जगह हो वहां पर योजना बना कर पौधा रोपण किया जाये। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिये हमें केवल बाहरी परिवेश को ही नहीं बदलना है, बल्कि हमारा आन्तरिक दृष्टिकोण, हमारी सोच और व्यवहार को भी बदलना होगा। जिस प्रकार हम अपने शरीर के प्रति और अपनी सांस के प्रति जागरूक रहते हैं, उसी प्रकार अपनी आन्तरिक चेतना एवं गहराई के साथ अपनी धरती के प्रति, प्रदूषित होते जल; पर्यावरण और काटते पेड़ों के प्रति भी जागरूक रहना होगा।

स्वामी जी ने कहा कि घायल हो रही धरती और प्रकृति पर मरहम लगाने के लिये पौधों का रोपण एवं संरक्षण बहुत जरूरी है। हमारे प्लानेट को, धरती को सुरक्षित बनाये रखने के लिये अपनी जीवन शैली को बदलना होगा। विचारों के प्रदूषण पर भी ध्यान देना होगा, सकारात्मक प्रयत्न करने होंगे तथा अपने विचार और व्यवहार में परिवर्तन करना होगा। हमें अपने कल्चर, नेचर और फ्यूचर को सुरक्षित करने के लिये चिन्तन करना होगा। इस दुनिया को हरित, प्रदूषणमुक्त, सुन्दर, पाजिटिव और पाॅवरफुल बनाने के लिये वृक्षारोपण करना होगा।

हम अब तक अपने लिये सांस लेते रहे अब धरती के लिये सांस लें और इस मानसून को ग्रीन मानसून बनाने में जुट जाये। अपनी धरती को बचायें, पेड़ लगायें, प्राण बचायें क्योंकि पेड़ है तो वायु है, वायु है तो आयु है और आयु है तो जीवन है इसलिये इस मानसून में खुद भी पौधे लगायें और अपने परिवार व मित्रों को साथ लेकर भी खूब पौधों का रोपण करें और पेड़ लगे रहें इसका भी ध्यान रखें और आईये इस मानसून में धरती योग करने का संकल्प लें।