July 3, 2022

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

डबल मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग से डेल्टा प्लस के संक्रमण से बचा जा सकता है : सीएमओ

  • अब हर कोरोना पॉजिटिव में होगी डेल्टा प्लस संक्रमण की खोज
  • बाहर से आने वाले व्यक्तियों की होगी सैंपलिंग

मेरठ, 30 जून 2021। कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाने के बाद अब डेल्टा प्लस वैरिएंट के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। अब सभी कोरोना पॉजिटिव के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिये भेजे जाएंगे, जिससे मरीजों में डेल्टा वैरिएंट को पकड़ा जा सके। शासन की ओर से भी जीनोम सिक्वेसिंग पर फोकस रखने के लिये निर्देश दिये गये हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अखिलेश मोहन ने बताया कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाने के बाद अब डेल्टा प्लस वैरिएंट खतरा बनता जा रहा है। इस संक्रमण से डबल मास्क, सोशल डिसटेंसिसंग और टीकाकरण से बचा जा सकता है। महाराष्ट्र में अभी तक इसके 50 मरीज मिल चुके हैं। वहीं पंजाब में भी कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट पहुंच चुका है। इसके बाद प्रदेश सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। मेरठ में भी चार आशा कार्यकर्ताओं में डेल्टा प्लस वायरस मिलने पर उसके सैंपल जांच के लिए पुणे भेज दिए गए थे। हालांकि उनकी अभी तक रिपोर्ट नहीं आयी है। उन्होंने  बताया शासन ने जीनोम सिक्वेंसिंग पर अब अधिक फोकस किया है। पहले 30 सैंपलों की जीनोम जांच का लक्ष्य हर माह रखा गया था, लेकिन डेल्टा प्लस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए सभी सैंपलों की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश में केजीएमयू लखनऊ और बीएचयू वाराणसी में जीनोम सिक्वेंसिंग लैब बना दी है, जहां आने वाले सैंपल की जांच शुरू कर दी जाएगी।

मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान ने बताया मेडिकल कालेज ने अब तक दो सौ से ज्यादा सैंपल जांच के लिए एनआइवी पुणे और एनसीडीसी नई दिल्ली भेजे हैं।

 इन स्थानों पर होगी रेंडम सैंपलिंग:

अब बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट से आने वालों के अलावा बाजारों एवं खास स्थानों पर लोगों की रेंडम सैंपलिंग की जाएगी। इसके लिये विशेष टीम बनायी गयीं हैं, जो सैंपल लेने के बाद उसे मेडिकल कालेज में भेजेंगी।

मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलोजिस्ट डा. अमित गर्ग ने बताया कोरोना संक्रमण की दर बेहद कम रह गई है। रोजाना आठ-दस केस ही मिल रहे हैं। ऐसे मरीजों के सैंपल जांच के लिये भेजे जा  रहे हैं। डेल्टा प्लस वैरिएंट की संभावना है।

 ऐसे करें बचाव:

डेल्टा वेरिंएंट से बचाव के लिये बेहद जरूरी है डबल मास्क पहनकर बाहर निकलें। भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। बहुत जरूरी होने पर घर से बाहर निकलें। दो गज की दूरी बनाये रखें। समय-समय पर अपने को सेनिटाइज करते रहें।