July 3, 2022

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

वाहन चैकिंग के दौरान डिजिटल दस्तावेज होंगे मान्य

  • मूल दस्तावेज न होने पर अब डिजिटल सभी दस्तावेज दिखाना होगा पर्याप्त
  • एक अक्टुबर 2020 से लागू हो चुका है नया नियम
  • नानौता (सहारनपुर)- परिवहन विभाग की चैकिंग हो या फिर ट्रैफिक विभाग की। अब आपके पास यदि संबधित वाहन के दस्तावेज की मूल कॉपी, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीयन न होने के चलते चालान का डर सताता हो तो अब इससे डरने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि अब इन्हें अपने पास न रखकर अपने मोबाइल में इनके डिजिटल दस्तावेज होने जरूरी है। परिवहन विभाग के एक अक्टुबर से बदले गए नियमों में मोबाइल पर इन दस्तावेजों को रखने को मान्य कर दिया है।
    पुराने नियमों के अनुसार वाहन चलाते समय चालक को वाहन से संबधित कागजात, ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, फिटनेस आदि रखने जरूरी होते थे। यदि किसी चालक के पास उक्त दस्तावेज नहीं मिलते थे तो किसी कारणवश रखने में भूल हो जाती थी तो उसे पूरे सफर के दौरान यही चिंता सताती थी कि कहीं चैकिंग के दौरान उसका चालान न कट जाएं। लेकिन अब नए नियमों के मुताबिक आपके स्मार्ट फोन में उक्त सभी दस्तावेज होने चाहिए। मतलब यह है कि सरकार इस नियम के तहत डिजिटिलाइजेशन को बढावा देना चाहती है। और अब आप इन दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी आपके मोबाइल फोन के डिजिटल लॉकर में है तो चैकिं के दौरान इन्हें मान्य किया जाएगा। अधिकारी मोबाइल पर इन दस्तावेजों को देखकर संतुष्ट हो जाएगा।

    • वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना अपराध –

    वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से बात करना अपराध की श्रेणी में रखा गया है। वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करते पाएं जाने पर एक हजार से 5 हजार रूपए तक का जुर्माना लग सकता है। लेकिन वाहन चलाते समय चालक फोन का उपयोग केवल मोबाइल एप पर रूट देखने के लिए वाहन चालक मोबाइल का इस्तेमाल कर सकता है। लेकिन सुनने या बात करने के लिए नहीं।

    • क्या होता है डिजीटल लॉकर –

    वाहन चालक केन्द्र सरकार के पोर्टल डिजी लॉकर या फिर एम परिवहन में अपने डिजिटल दस्तावेज स्टोर कर सेव (सुरक्षित )कर सकता है। चैकिंग के दौरान अधिकारी को लॉकर खोलकर सभी दस्तावेज दिखाने पर मान्य होंगे।