April 10, 2021

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार दूसरे दिन नस्लीय टिप्पणी

 

सिडनी/नयी दिल्ली,  (भाषा) भारतीय क्रिकेटरों विशेषकर तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को आस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में लगातार दूसरे दिन नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ा जिसके कारण चौथे दिन का खेल कुछ समय के लिये रुका रहा, कुछ दर्शकों को बाहर किया गया और क्रिकेट जगत ने इसकी कड़ी भर्त्सना की। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सूत्रों के अनुसार सिराज के लिये ‘ब्राउन डॉग’ और ‘बिग मंकी’ कहा गया। पहली बार आस्ट्रेलियाई दौरे पर गया यह 26 वर्षीय खिलाड़ी नियमों का पालन करते हुए तुरंत ही कप्तान अजिंक्य रहाणे और मैदानी अंपायरों के पास गया और उन्हें घटना से अवगत कराया। इससे खेल 10 मिनट तक रुका रहा। सुरक्षाकर्मियों को बुलाया गया जिन्होंने छह दर्शकों को स्टेडियम से बाहर कर दिया। इससे पहले शनिवार को नशे में धुत एक व्यक्ति ने तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और सिराज के लिये अपशब्दों का उपयोग किया था। क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) के इंटिग्रिटी एवं सुरक्षा प्रमुख सीन केरोल ने कहा, ‘सीरीज का मेजबान होने के नाते हम भारतीय क्रिकेट टीम में अपने मित्रों से माफी मांगते हैं और उन्हें आश्वासन देते हैं कि हम इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेंगे।’ इस बीच, दुबई में आईसीसी ने भी बयान जारी कर इन घटनाओं की कड़ी निंदा की और सीए से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी।
ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं होंगी
भारतीय बोर्ड की तरफ से बीसीसीआई सचिव जय शाह ने पहले आधिकारिक टिप्पणी की और कहा, ‘हमारे इस खेल और हमारे समाज में नस्लवाद के लिये कोई स्थान नहीं है।’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैंने क्रिकेट आस्ट्रेलिया के अधिकारियों से बात की और उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैंने क्रिकेट आस्ट्रेलिया के अधिकारियों से बात की और उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। भेदभाव की ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’
नस्लीय दुर्व्यवहार अस्वीकार्य
भारत के नियमित कप्तान और पितृत्व अवकाश पर चल रहे विराट कोहली ने भी भारतीय टीम का समर्थन किया। कोहली ने ट्विटर पर लिखा, ‘नस्ली दुर्व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है। सीमा रेखा पर क्षेत्ररक्षण करते समय मुझे भी घटिया बातें सुननी पड़ी हैं और यह अभद्र व्यवहार की चरम सीमा है। मैदान पर इस तरह की घटनाएं देखना दुखद है।’