October 23, 2020

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

Navratri 2020: एहितियातों के साथ नवरात्रि के पहले दिन हुई मां शैलपुत्री की पूजा, 58 साल बाद शनि और गुरु अपनी राशि में

लखनऊ | घरों और मंदिरों में कलश स्थापना की गई और मां दुर्गा के चरणों में लोगों ने शीश नवाए। मां के नौ रूपों के दर्शन के लिए आज सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की कतार लगने लगी। मां दुर्गा के सभी मंदिरों में कोरोना को देखते हुए भक्तों के प्रवेश को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।

राजधानी लखनऊ के सबसे बड़े सिद्धपीठ चौक की बड़ी और छोटी काली मंदिर में घंटा बजाना और ज्योत जलाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। मां के गर्भ गृह में जाने पर रोक लगा दी गई है तथा दर्शन के लिए गोले बना दिए गए हैं। सामान्य दूरी का पालन करते हुए भक्त गोले में ही खड़े हो रहे हैं।

पुराने लखनऊ के चौपटिया के संदाहन देवी मंदिर में भक्त खुद प्रसाद चढ़ा रहे हैं। मंदिर में बच्चों और बुजुर्गों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। चौक की काली मंदिर के पास हर साल लगने वाले मेले पर भी इस बार प्रतिबंध लगा दिया गया है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 1962 के बाद 58 साल के अंतराल में शनि और गुरु नवरात्रि में अपनी अपनी राशि में विराजे हैं। इस बार कोई तिथि क्षय नहीं है। नवरात्र आज से 25 अक्तूबर तक है। 25 अक्तूबर को नवमीं तिथि सुबह आठ बजे के पहले समाप्त हो जाएगी।