April 8, 2021

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

“पारिवारिक सुख शांति का आधार” विषय पर गोष्ठी संपन्न

  • परिवार को सुख-शांति से परिपूर्ण रखना धर्म है – आचार्य पुनीत शास्त्री(मेरठ)

  • पारिवारिक सुख शांति के लिए क्षमा व सहनशीलता आवश्यक-राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य

युरेशिया संवाददाता

गाज़ियाबाद,केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में “पारिवारिक सुख शांति का आधार”विषय पर ऑनलाईन गूगल मीट पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।यह कोरोना काल मे परिषद का 104वां वेबिनार था।

मुख्य वक्ता वैदिक विद्वान आचार्य पुनीत शास्त्री (मेरठ) ने कहा कि परिवार को सुख-शांति से परिपूर्ण रखना जीवन का धर्म है।संवाद, पारिवारिक शांति,खुशियां एवं उल्लास को बढ़ाने का प्रमुख साधन है,किन्तु संवाद में उपयोग में लाई गई भाषा और शैली ही मिठास और कटुता का संचार करती है।परिवार में एक दूसरे के प्रति स्नेह,सद्‌भाव,प्रेम के साथ संस्कारों का अपना महत्व है।हमें भाषा शैली व सम्मान रखना चाहिए।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा की हमारा आचरण परिवार की सुख-शांति का आधार है। आनंद पाने से अधिक सुख आनंद बांटने में है।घर को स्वर्ग या नरक बनाना हमारे हाथ में है।उन्होंने उल्लास एवं शांति से परिपूर्ण करने मन,वचन और कर्म से परिवार में भाषा,कर्म और व्यवहार को विवेक पूर्ण प्रयोग करने की प्रेरणा दी।उन्होंने कहा कि गलतियों पर क्षमा करना व सहनशील रहना पारिवारिक सुख शांति के लिए आवश्यक है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष राजेश सेठी(प्रधान,आर्य समाज थापर नगर,मेरठ) ने अपनी शुभ कामनाएं प्रदान की।

प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा की परिवार समाज की एक इकाई है।परिवारों से मिलकर ही समाज का निर्माण होता है।अगर परिवार के सभी सदस्य स्वस्थ व खुशहाल होंगे,तो समाज भी खुशहाल होगा।

प्रधान शिक्षक सौरभ गुप्ता ने कहा कि पारिवारिक सुख और शांति के लिए परिवार के सदस्यों के मध्य आपसी स्नेह,विश्वास और सम्मान आवश्यक है।

पूर्व मेट्रो पोलिटेंन मैजिस्ट्रेट ओम सपरा ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये व आर्य संन्यासी व मिलाप अखबार के संस्थापक महात्मा आनन्द स्वामी जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

युवा गायिका दीप्ति सपरा,सुषमा बुद्धिराजा,उर्मिला आर्या (गुरूग्राम),संध्या पाण्डेय,कमलेश चांदना,लाजवंती गिरधर,वीना वोहरा,सुनीता बुग्गा,द्रोपदी तनेजा,ईश्वर आर्या(अलवर), संतोष आर्या(राजपुरा,पंजाब), रविन्द्र गुप्ता(फरीदाबाद),वीना वोहरा,पुष्पा शास्त्री आदि ने गीतों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्य रूप से आचार्य महेन्द्र भाई, संतोष शास्त्री,आनंदप्रकाश आर्य, देवेन्द्र गुप्ता,डॉ रचना चावला, नरेश प्रसाद,प्रकाशवीर शास्त्री, देवेन्द्र भगत,राजेश मेंहदीरत्ता आदि उपस्थित थे ।