August 2, 2021

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

आयुष्मान कार्ड बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे ग्राम प्रधान

  • जिले में अब तक 2,57 लाख आयुष्मान कार्ड बनवाए जा चुके हैं
  • 2011 की जनगणना में छूटे चयनित लाभार्थिेयों के बनाए जाएंगे कार्ड

मेरठ। आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्य को गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों का सहयोग ले रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन ने उन्हें प्रशिक्षित कर प्रोत्साहित किया है। ग्राम प्रधान अपनी अपनी ग्राम पंचायतों में आयुष्मान भारत योजना में शामिल किए गए ऐसे परिवारों जिनका अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बना है उनका कार्ड बनवाने में सहयोग करेंगे। जिले में सभी लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनवाने लक्ष्य है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अखिलेश मोहन ने बताया जनपद में समाज के वंचित एवं गरीब वर्ग के परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयुष्मान भारत योजना प्रारंभ की गई। इस योजना का शुभारंभ 23 सितंबर 2018 को किया गया था। इस योजना में प्रति वर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपये तक की नि:शुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है। योजना में परिवारों का चयन 2011 की आर्थिक जनगणना के आधार पर किया गया है। सीएमओ ने बताया जिले में तमाम ऐसे पात्र लाभार्थी इस योजना में चयनित किए गए हैं, लेकिन किन्ही कारणों से उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया है।स्वास्थ्य विभाग द्वारा राजकीय चिकित्सालय एवं संबद्ध निजी चिकित्सालयों में नि:शुल्क आयुष्मान कार्ड बनवाया जा रहा है। बावजूद इसके शतप्रतिशत पात्र परिवारों का आयुष्मान कार्ड अभी तक नहीं बन सका है। ऐसे में शासन स्तर पर यह निर्देश दिया गया है कि ग्राम प्रधानों के माध्यम से ग्राम पंचायतों में रहने वाले चयनित परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ग्राम प्रधानों को उनकी ग्राम पंचायतों में चयनित परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए पत्र प्रेषित किया जा चुका है। परिवार नियोजन कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डा. पूजा शर्मा ने बताया जिले में अब तक 2.57 लाख आयुष्मान कार्ड बनवाये जा चुके हैं, जिसमें 15467 ने योजना का लाभ लिया है। उन्होंने बताया आयुष्मान कार्ड नि:शुल्क बनाया जा रहा है। इसके लिए शहर व देहात में 60 स्थान चयनित किये गये हैं, जिसमें से 45 प्राइवेट सूचीबद्ध अस्पताल भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जिला महिला अस्पताल , जिला अस्पताल, मेडिकल कालेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) को शामिल किया गया है।