August 2, 2021

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

जियो टैगिंग से क्षय रोगियों की हो रही तलाश

  • मरीजों को उपचार करने के लिये मिलेगी सुविधा
  •  लोकेशन निक्षय पोर्टल पर होगी दर्ज

मेरठ, 12 जुलाई 2021 । कोविड-19 की दूसरी लहर का असर कम होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अन्य सेवाओं को भी सुचारु कर दिया है।  देश से 2025 तक टीबी को समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरजोर कोशिश कर रहा है। टीबी मरीजों को अधिक से तलाश जा सके, इसके लिये विभाग जियो टैगिंग कर रहा है। ताकि उन्हें चिन्हित कर उनका उपचार किया जा सके। विभाग की ओर से ऐसे मरीजों की लोकेशन निक्षय पोर्टल पर दर्ज की जा रही है।

जिला क्षय रोग अधिकारी गुलशन राय ने बताया स्वास्थ्य विभाग इसके लिए अलग-अलग सामाजिक संगठनों को जोड़ऩे का प्रयास कर रहा है। विभाग की ओर से जियो टैगिंग के माध्यम से चिन्हित कर मरीजों को ढूंढने का काम किया जा रहा है। मलिन बस्तियों लल्लापुरा, साबुन गोदाम, मलियाना, शकूर नगर, मुलतान नगर, अशियाना कालोनी, जाकिर कालोनी, जाहिदपुर में जिला क्षय रोग विभाग की ओर से जियो टैगिंग की जा रही है।

उन्होंने बताया 23 टीमों को वर्ष 2019,2020 व 2021 के निजी व सरकारी क्षेत्र के सभी क्षय रोगियों की जियो टैगिंग करते हुए उनकी लोकेशन अपडेट करनी है। इससे यह पता चल जाएगा कि किस क्षेत्र व किस गांव में टीबी रोगियों की सघनता ज्यादा है। इससे टीबी रोगी खोजी अभियान के दौरान उस क्षेत्र पर विशेष फोकस किया जा सकेगा। उन्होंने बताया भारत सरकार की सेंट्रल टीबी डिवीजन के निर्देश के क्रम में पूरे प्रदेश के क्षय रोगियों की लोकेशन ऑनलाइन किये जाने का निर्देश दिया गया है।

डिस्ट्रिक पीपीएम को-ओर्डिनेटर शबाना बेगम ने बताया जियो टैंगिंग से क्षय रोगियों के बारे में सभी जानकारियां आनलाइन की जा रही हैं। इससे दवा समाप्त होने से पूर्व ही मरीजों को दवा उपलब्ध करायी जा सकेगी। उन्होंने बताया वर्ष 2019, 2020 और 2021 जून तक विभाग द्वारा 16423  व प्राइवेट में 11152 टीबी मरीज चिन्हित किये गये  हैं। जियो टैगिंग के माध्यम से 16962  मरीजों को चिन्हित किया जा चुका है। उन्होंने बताया जिले में कुल 45 केंद्रों पर टीबी की जांच कराई जा रही है।

  दस्तक अभियान का आगाज

संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत सोमवार को दस्तक अभियान का शुभारंभ जिला क्षय रोग अधिकारी गुलशन राय ने किया। उन्होंने लोगों से अपील कि कि वह किसी भी हाल में टीबी को न छिपाएं, यह कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। उपचार से इस बीमारी से छुटकारा मिल सकता है। इस मौके पर नेहा सक्सेना, अजय सक्सेना, परविन्द्र यादव आदि  मौजूद रहे।

इन्होंने कहा :-

क्षय रोग विभाग जियो टैगिंग के माध्यम से टीबी मरीजों को तलाश कर रहा है। अभी तक 16962 मरीजों को जियो टैगिंग के माध्यम से तलाश किया जा चुका है। इससे मरीजों की मॉनिटरिंग में आसानी होगी।

  गुलशन राय, जिला टीबी अधिकारी, मेरठ