October 23, 2020

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

पात्रा ने ममता से पूछा- क्या यही है लोकतंत्र ?

  • बंगाल में अब तक 115 भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की हुई हत्या 

 

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि अब तक राज्य में 115 भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी। नयी दिल्ली। भाजपा ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में पार्टी के नेता मनीष शुक्ला की हत्या की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पूछा कि जिस प्रकार राज्य के बाहर हुई घटनाओं के दौरान वह अपने नेताओं के प्रतिनिधिमंडल भेजती हैं, क्या उसी प्रकार वह भाजपा पार्षद के घर जाएंगी? राजधानी स्थित भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि अब तक राज्य में 115 भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है।

उन्होंने कहा कि राज्य की जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी। इसे भी पढ़ें: कैलाश विजयवर्गीय बोले, बंगाल को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त घुसपैठियों के लिए धर्मशाला नहीं बनाया जा सकता उन्होंने पूछा, ‘‘चोरी और सीनाजोरी का माहौल बनाकर अब तक राज्य में लगभग 115 भाजपा नेताओं या उससे जुड़े कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है। मैं ममता जी से पूछना चाहता हूं, क्या यही न्याय है? क्या यही बंगाल में लोकतंत्र है ममता जी?’’ पात्रा ने कहा कि जिस प्रकार आप दूसरों राज्यों की घटनाओं के बारे में सवाल उठाती हैं और अपने प्रतिनिधियों को भेजती हैं, क्या आप मनीष शुक्ला के घर जाएंगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूछता हूं कि तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को आप कब मनीष शुक्ला के घर भेजेंगी।’’ उन्होंने बांग्ला में कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल मां दुर्गा की आराधना की भूमि हैं। मां ने जैसे त्रिशुल से महिषासुर का वध किया था, वैसे ही पश्चिम बंगाल के लोग गणतांत्रिक तरीके से अन्याय और कुशासन का प्रतिवाद करेंगे।’’ इसे भी पढ़ें: बंगाल में भाजपा नेता की हत्या के विरोध में सड़कों पर उतरे पार्टी कार्यकर्ता, यातायात बाधित पात्रा ने कहा, ‘‘हमें जितना मारोगे, जितना अत्याचार का प्रयास करोगे उतना अधिक शक्तिशाली होकर हम लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगे।’’ मालूम हो कि मनीष शुक्ला भाजपा के पार्षद थे। बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मार कर रविवार को उनकी हत्या कर दी थी। पात्रा ने इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि खुद शुक्ला और भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने इस बात की आशंका जताई थी।