August 2, 2021

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

भटकाव से रोकते स्वामी विवेकानंद के विचार

यह दौर बेहद संघर्षों का दौर है। इसमें अनेक चिंताएं हैं, परेशानियां हैं। कभी-कभी तो उन परेशानियों से पार पाने का कोई रास्ता नहीं सूझता। ऐसे में याद हैं स्वामी विवेकानंद की जीवन के प्रति बताई गयी कई महत्वपूर्ण बातें। विवेकानंद जी ने कहा था, चिंतन करो, चिंता नहीं। चिंतन समाज की भलाई का। चिंतन समस्याओं से पार पाने का। स्वामी विवेकानंद ने हर वर्ग के लोगों के लिए ऐसी बातें कहीं, जिन पर अगर मनन कर लिया जाये और उसी दिशा में बढ़ा जाये तो शायद जीवन का भटकाव थोड़ा कम हो जाये। यूं तो विवेकानंद की बातें हर पल मनन योग्य हैं, लेकिन इस महामना को आज (4 जुलाई) विशेष नमन। आज महान कर्मयोगी, पथ प्रदर्शक स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि है। 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में जन्मे स्वामी विवेकानंद का देहावसान छोटी सी उम्र में 4 जुलाई 1902 को हो गया। रामकृष्ण मठ में ध्यानमग्न अवस्था में महासमाधि धारण किए वे चिरनिद्रा में लीन हो गए। अल्पायु में ही उस दौर में स्वामी विवेकानंद ने समाज को जो दिशा दी, सचमुच वह आज भी प्रासंगिक है।

आज महामारी के इस दौर में करिअर की दहलीज पर खड़े युवाओं के सामने अंधेरा सा छाया हुआ है, लेकिन यह अंधेरा स्थायी नहीं है। ऐसे में जरूरत है आत्मविश्वास बनाये रखकर अपने भविष्य की तैयारियों को जारी रखने की। स्वामी विवेकानंद ने कहा था, ‘जब तक आप स्वयं पर विश्वास नहीं करते, आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते।’ साथ ही उनका संदेश था, ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।’ वह कहते थे, ‘ख़ुद को कमज़ोर समझना सबसे बड़ा पाप है।’ इस दौर में बेशक हजारों हाथ उन परेशान लोगों की मदद को उठ रहे हैं जिनका रोजगार लॉकडाउन या अन्य कारणों से चला गया, लेकिन अनेक ऐसे भी लोग हैं जो मदद करना तो दूर, गरीबों के लिए आये राशन-पानी को डकार रहे हैं। विवेकानंद जी ने शास्त्रों में परोपकार के गुणों की व्याख्या को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा, परोपकार धर्म का दूसरा नाम है।

इसी संदेश के विस्तार में उन्होंने कहा था, ‘जिस पल आपको यह पता चल जायेगा कि ईश्वर आपके भीतर है। उस पल से आपको प्रत्येक व्यक्ति में ईश्वर की छवि नजर आने लगेगी।’ विवेकानंद जी के जीवन के किस्से हों या उनके कहे हुए विचार, हर चीज मानवता का संदेश देती है। जरूरत है उन पर अमल करने की। पुण्यतिथि पर स्वामी विवेकानंद को शत शत नमन।