April 13, 2021

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

शहादत को सलाम होली के दिन मिली बेटे के शहीद होने की खबर, पल भर में सूना हुआ त्योहार

  • सुनील चौहान/युरेशिया 

बड़ौत ,लुहारी गांव के जवान पिंकू दांगी के परिवार के सभी सदस्य होली के दिन होलिका पूजन की तैयारियों में व्यस्त थे कि अचानक बेटे की शहादत की खबर ने पल भर में त्योहार को सूना कर दिया। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में वनगाम क्षेत्र में शनिवार रात सेना के जवानों के साथ आतंकियों की मुठभेड़ के दौरान बागपत का लाल शहीद हो गया।

जिले के जवान ने आतंकियों से लोहा लेते हुए देश के लिए बलिदान दिया
दक्षिण कश्मीर के शोपियां के वनगाम क्षेत्र में बागपत जिले के लुहारी गांव के पिंकू दांगी आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। मुठभेड़ में दो आतंकी भी मारे गए। जबकि एक जवान घायल है। पिंकू दांगी के शहीद होने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
लुहारी गांव के रहने वाले पिंकु कुमार का जन्म 1983 में हुआ था। 2001 में सेना में भर्ती हुए थे। ग्रामीण सुधीर दांगी व डॉ. संजीव आर्य ने बताया कि पिंकु कुमार एक ऑपरेशन के तहत आंतकियों की तलाश में गए हुए थे। इनके साथ और भी जवान थे।
आंतकियों से हुई मुठभेड़ में पिंकु कुमार को गोली लगी थी। जिन्हें उपचार के लिए लाया गया था लेकिन तब तक वह शहीद हो गए थे। रविवार को सेना ने परिवार को इसकी जानकारी दी तो परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
एक तरफ परिजन होली पूजन की तैयारियों में व्यस्त थे वहीं बेटे की शहादत की खबर ने सबको झकझोर कर रख दिया। होली का त्योहार पल भर में सूना पड़ गया।

जवान की शहादत की खबर सुनकर रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी भी शहीद के गांव लुहारी में उनके आवास पर पहुंचे और परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी। परिजनों को सांत्वना देने को ग्रामीणों का तांता लगा हुआ है
नौ महीने का एक बेटा और दो है लड़कियां |
शहीद जवान पिंकू कुमार का एक नौ महीने का बेटा व दो बेटियां हैं बड़ी बेटी आठ साल की तो छोटी बेटी पांच साल की है। पत्नी कविता व अन्य परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
वहीं शहीद पिंकू के पिता जबर सिंह कहते हैं कि बेटे की शहादत पर उन्हें गर्व है। शहीद जवान के बड़े भाई मनोज गांव में ही खेती करते हैं, वे भाई की शहादत से कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं हैं किंतु भाई की मौत का गम और देश के लिए मर मिटने का उनका जज्बा उन्हें अविवेकी सा किए है।

त रहे।