March 2, 2021

युरेशिया

राष्ट्रहित सर्वोपरि

अब 22, 28 व 29 जनवरी को होगा वैक्सीनेशन

वैक्सीनेशन अभियान में महिलाओं ने दिखाई सबसे ज्यादा हिम्मत
वैक्सीनेशन में डर के आगे आधी आबादी की जीत, लिखी नई इबारत

युरेशिया संवाददाता
मेरठ,। वैक्सीनेशन के साथ 16 जनवरी को कोरोना से अंतिम युद्ध का शंखनाद शुरू करने के बाद अब इस लड़ाई का पहला चरण 22 जनवरी शुक्रवार से शुरू होगा। इस संबंध में शासन की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 22 जनवरी के बाद वैक्सीनेशन की अगली तारीख 28 व 29 जनवरी तय की गयी है। जिले में 16 जनवरी को पहला वैक्सीनेशन किया गया। सबसे अच्छी बात यह रही कि जिले में वैक्सीनेशन करवाने वाले किसी भी लाभार्थी में साइड इफेक्ट के गंभीर लक्ष्ण नहीं मिले।

16 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग से जुड़े चिकित्सकों, निजी चिकित्सकों व हेल्थ वर्कर्स का टीकाकरण किया गया। जिले में उस दिन टारगेट 694 में से 562 स्वास्थ्य कर्मियों का वैक्सीनेशन किया गया। जनपद में प्रथम चरण के लिए 19533 स्वास्थ्य कर्मियों को चयनित किया गया है। इसमें 9000 सरकारी और 10533 प्राइवेट लाभार्थी हैं। कोरोना वैक्सीनेशन कराने में महिला स्वास्थ्य कर्मियों का जिले में प्रतिशत 41.21 रहा। महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और दम का लोहा मनवाया है। कोरोना वैक्सीनेशन में भी महिलाएं आगे रहीं। आंकड़े गवाह हैं कि कोरोना वैक्सीनेशन अभियान में सबसे ज्यादा हिम्मत और हौसला महिलाओं ने ही दिखाया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 16 जनवरी को हुए टीकाकरण अभियान में महिलाओं का प्रतिशत 41.21 रहा। कुल 286 महिलाओं ने टीकाकरण अभियान में भाग लिया, वहीं पुरुषों का आंकड़ा 39.76 प्रतिशत रहा, यानी कुल 276 पुरुषों ने टीका लगवाया। आंकड़ों के अनुसार वैक्सीनेशन के लिए कुल 694 लोगों की सूची तैयार की गई थी। इस दौरान कुल 562 कुल लोग सात वैक्सीनेशन केन्द्र पर टीकाकरण के लिए पहुंचे थे। मेरठ में कुल 80.97 प्रतिशत लोगों ने वैक्सीन लगवाई।
आईएमए से मांगी मदद
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में 22, 28 व 29 जनवरी को होने वाले टीकाकरण के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से भी मदद मांगी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस राउंड में लाभार्थियों की संख्या ज्यादा है।

डॉ. अखिलेश मोहन, सीएमओ,

बोले अधिकारी
22, 28 व 29 जनवरी को होने वाले वैक्सीनेशन के लिये विभाग की ओर से पूरी तैयारी कर ली गयी है। अभियान में किसी भी स्थिति में किसी को कोई परेशानी न हो, इसके लिए व्यवस्था की जा रही है। आईएमए की मदद ली जा रही है। अभियान को सफलतापूर्वक चलाया जाएगा। टीकाकरण के लिये लिस्ट बनायी जा रही है, जिसे पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
डॉ. अखिलेश मोहन, सीएमओ, मेरठ

You may have missed

1 min read

चोरी गए वाहन क्लेम मामले में मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता आयोग का अहम फैसला, बीमा कंपनी को देनी पड़ेगी ब्याज सहित क्लेम राशि दिनेश शुक्ल फरवरी 13, 2021 13:48 LIKE चोरी गए वाहन क्लेम मामले में मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता आयोग का अहम फैसला, बीमा कंपनी को देनी पड़ेगी ब्याज सहित क्लेम राशि वरिष्ठ अधिवक्ता ललित कुमार गुप्ता ने बताया कि बीमित वाहन के चोरी के प्रकरण में जिस कारण क्लेम निरस्त किया गया है एवं जिस कारण घटना घटित हुई है में परस्पर संबंध होना आवश्यक है। केवल तकनीकी कारण से क्लेम को निरस्त नहीं किया जा सकता। भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी के खिलाफ वाहन मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया है। दस साल की लंबी लड़ाई के बाद चोरी गए चार पहिया वाहन मालिक को ब्याज सहित क्लेम की पूरी राशि देने का उपभोक्ता आयोग ने आदेश दिया है। वाहन मालिक की तरफ से पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता ललित कुमार गुप्ता ने बताया कि फरियादी देवेंद्र सक्सेना ने एक बोलेरो जीप वर्ष 2009 में खरीदी थी। जिसका बीमा इफको टोक्यो कंपनी से कराया था। उपरोक्त वाहन 30-08-2010 की रात चोरी हो गया। जिसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट पुलिस थाने में दर्ज कराई गई और बीमा कंपनी से आवेदक द्वारा क्लेम की राशि की मांग की गई। इसे भी पढ़ें: शिवराज सरकार सिर्फ विज्ञापनों में चला रही माफिया के खिलाफ अभियान- जीतू पटवारी लेकिन बीमा कंपनी द्वारा क्लेम इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि घटना के समय वाहन का व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा था। आवेदक द्वारा बीमा कंपनी के खिलाफ प्रकरण जिला उपभोक्ता आयोग दतिया में प्रस्तुत किया गया। जिला आयोग दतिया द्वार आवेदक के परिवाद को स्वीकार कर क्लेम राशि का भुगतान किए जाने का आदेश किया था। जिसके विरुद्ध बीमा कंपनी द्वारा अपील राज्य आयोग भोपाल में की गई। राज्य आयोग भोपाल द्वारा अपने आदेश में यह व्यवस्था दी गई कि घटना एवं क्लेम निरस्तीकरण दोनों में परस्पर संबंध होना चाहिए। चोरी के प्रकरण में वाहन के व्यवसायिक उपयोग का आधार स्वीकार योग्य नहीं है। इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में बढ़ी गिद्धों की संख्या, पर्यावरण संरक्षक गिद्धों की हुई थी गणना आयोग द्वारा बीमा कंपनी की अपील निरस्त कर जिला फोरम का आदेश यथावत रखा गया। वरिष्ठ अधिवक्ता ललित कुमार गुप्ता ने बताया कि बीमित वाहन के चोरी के प्रकरण में जिस कारण क्लेम निरस्त किया गया है एवं जिस कारण घटना घटित हुई है में परस्पर संबंध होना आवश्यक है। केवल तकनीकी कारण से क्लेम को निरस्त नहीं किया जा सकता।